आरती श्री वृषभानुसुता की
भक्ति संगीत
॥ आरती ॥
आरती श्री वृषभानुसुता की।
मंजुल मूर्ति मोहन ममता की॥
आरती श्री वृषभानुसुता की...
त्रिविध ताप युत संसृति नाशिनि।
विमल विवेक विराग विकासिनि॥
आरती श्री वृषभानुसुता की...
पावन प्रभु पद प्रीति प्रकाशिनि।
सुन्दरतम छवि सुन्दरता की॥
आरती श्री वृषभानुसुता की...
मुनि मन मोहन मोहन मोहनी।
मधुर मनोहर मूरति सोहनी॥
आरती श्री वृषभानुसुता की...
अविरल प्रेम अमिय रस दोहनी।
प्रिय अति सदा सखी ललिता की॥
आरती श्री वृषभानुसुता की...
संतत सेव्य सत मुनि जन की।
आकर सुखद शुद्ध विद्या की॥
आरती श्री वृषभानुसुता की...
आरती श्री वृषभानुसुता की।
मंजुल मूर्ति मोहन ममता की॥
॥ राधे राधे ॥
॥ श्री राधे कृष्णा ॥