जय श्री राम | ॐ सिया रामाय नमः | जय हनुमान
🕉️ दरबार में सुबह-शाम नि:शुल्क ऑनलाइन सत्संग होता है   |   हर मंगलवार और शनिवार को "संपूर्ण हनुमान भक्ति विधि" का पाठ किया जाता है   |   यहाँ सच्ची भक्ति और साधना का महत्व सिखाया जाता है   |   गुरु सानिध्य में ही ईश्वर प्राप्ति संभव है   |   श्री बजरंग दास जी को साक्षात हनुमान जी के दर्शन हुए 🕉️

"भजन संग्रह"

"राम भजन बिन मोहे काम ना कोये"

- श्री बजरंग दास जी महाराज -

मुझको कीर्ति ना वैभव ना यश चाहिए, राम के नाम का मुझको रस चाहिए। सुख मिले ऐसे अमृत को पीने में, श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में॥ राम रसिया हूँ मैं, राम सुमिरन करूँ, सिया राम का सदा ही मैं चिंतन करूँ। देख लो चीर के मेरे सीने में, श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में॥ जिस दिन से राम मेरे दिल में बसे, मैंने दुनिया में हर एक को हंसे। अब तो हर स्वास राम रंग में रंगी, जीवन की नैया राम नाम के संगी॥ अयोध्या के वासी, रघुकुल के राजा, मेरे जीवन की तू ही है पूजा। मेरे रोम रोम में राम, मेरे मन में राम, सुख-दुःख में हर क्षण, मेरे तन-मन में राम॥ श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में॥
दुनिया चले ना श्री राम के बिना, राम जी चले ना हनुमान के बिना॥ जब से रावण ने राम को ललकारा, तब से लंका में मच गया हाहाकार। लंका जये ना हनुमान के बिना, दुनिया चले ना श्री राम के बिना॥ सीता हरण हो गया जब से, रावण की लंका जली थी तब से। सीता मिले ना हनुमान के बिना, राम जी चले ना हनुमान के बिना॥ लक्ष्मण मूर्छित पड़े हैं जब से। बूटी मिले ना हनुमान के बिना॥ लंका विजय हो गई जब से। नाम जपे ना हनुमान के बिना, दुनिया चले ना श्री राम के बिना॥
कभी राम बन के, कभी श्याम बन के, चले आना प्रभु जी चले आना॥ तुम राम रूप में आना, सीता साथ लेके, धनुष हाथ लेके, चले आना प्रभु जी चले आना॥ तुम श्याम रूप में आना, राधा साथ लेके, मुरली हाथ लेके, चले आना प्रभु जी चले आना॥ तुम शिव रूप में आना, गौरा साथ लेके, डमरू हाथ लेके, चले आना प्रभु जी चले आना॥
नगरी हो अयोध्या सी, रघुकुल सा घराना हो, चरण हो राघव के, जहाँ मेरा ठिकाना हो॥ लक्ष्मण सा भाई हो, कौशल्या माई हो, स्वामी तुम जैसा हो, मेरा सिरहाना हो॥ सरयू सी निर्मल हो, गंगा सी पवन हो, जहाँ सारा जीवन, राम की सेवा में बिताना हो॥
अच्युतम केशवं, कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं, जानकी वल्लभम्॥ कौन कहता है भगवान आते नहीं, तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं। अच्युतम केशवं, कृष्ण दामोदरं...
मेरे बांके बिहारी लाल, तू इतना ना करियो श्रृंगार। नज़र तोहे लग जाएगी... अखियाँ नशीली हैं, होंठ गुलाबी, पग में पायलिया बाँधे है गोपी। तू इतनी ना करियो श्रृंगार, नज़र तोहे लग जाएगी...
सीताराम सीताराम सीताराम कहिए, जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिए॥ मुख में हो राम नाम, राम सेवा हाथ में, तू अकेला नहीं प्यारे, राम तेरे साथ में। सीताराम सीताराम सीताराम कहिए...